Kharitadar Kaun Tha : A Hidden Secret

दोस्तों आज की पोस्ट एक एतिहासिक विषय के सम्बन्ध में हैं. अगर आप इतिहास में दिलचस्पी रखते हैं एवं मध्यकालीन मूगुल भारत के बारे पढ़ा होगा तो आपने एक शब्द अवश्य सुना होगा वह है Kharitadar या खरीतादार. तो आप समझ ही गए होंगे की हमारा आज का विषय है Kharitadar Kaun Tha. आज हम Kharitadar या खरीतादार के बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करेंगे, इसके एतिहासिक महत्व को समझने का प्रयास करते हैं, क्या इनका कार्य होता था एवं इसे किस संदर्भ में जाना जाता है.

Kharitadar Kaun Tha मध्यकालीन भारत के सन्दर्भ में :

भारत के मूगुल कालीन (या इसे आप मध्यकालीन भारतीय इतिहास के नाम से भी जानते हैं) दौर में , मूगुल सल्तनत के द्वारा जनमानस या व्यक्ति विशेष को विभिन्न प्रकार के सन्देश पहुचायें जाते थे. इन संदेशो या आदेशो को उस दौर में फरमान के नाम से जाना जाता था.

इन आदेशो या संदेशो को आगे भेजने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जाती थी, इसी अधिकारी को Kharitadar या खरीतादार के नाम से जाना जाता था. अब यह बात बोलने वाली नहीं है की यह Kharitadar का पद कितना महत्वपूर्ण था क्योंकि जनता तक शासन के सन्देश पहचाना अत्यंत महत्वपूर्ण था.

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यह पद मूगुल काल के दौरान अस्तित्व में आया था, यानी की आप कह सकते हैं की 12 वी सदी से 18 वी सदी तक Kharitadar नाम का पद अस्तित्व में आया था.

Kharitadar Kaun Tha

Kharitadar का मुख्य कार्य एवं कार्यप्रणाली:

आइये अब चूँकि हम kharitadar kaun tha का उत्तर जान चुके हैं, अपनी पोस्ट के इस भाग में kharitadar in history के महत्व को समझते हुए उनके  मुख्य कार्य के बारे में समझाने का प्रयास करते हैं एवं देखते हैं कि उनकी कार्य प्रणाली क्या थी एवं वें लोग किस प्रकार से कार्य करते थे. जैसे कि हम पहले ही बता चुके हैं की Kharitadar का मुख्य काम शासन के संदेश को दूसरे राज्य या अपने ही राज्य के लोगो तक पहुंचाने का था, अतः इनके कार्यों में शासन या सल्तनत के द्वारा पारित प्रस्ताव का इकट्ठा करना एवं उन्हें आगे उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाना था. इस तरह से आप कह सकते हैं कि पोस्टमैन का काम करते थे परंतु यह पद बहुत ही गरिमामय माना जाता था. शायद इसकी वज़ह से ही आप Kharitadar Kaun Tha प्रश्न जानना चाहते हैं.

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अतः हम हमने न केवल यह जाना की Kharitadar का अर्थ Hindi में जाना एवं बल्कि यह भी जाना की उनके कार्य क्या था एवं उनकी कार्य प्रणाली किस प्रकार कार्य करती थी.

Who was “Kharitadar” का अर्थ और महत्व:

Kharitadar Kaun Tha? यह प्रश्न मध्यकालीन भारतीय इतिहास के एक दिलचस्प पदवी से सम्बन्ध रखता है. खरीतादार या Kharitadar एक पदवी थी जिसे मुग़ल साम्राज्य के समय उच्च अधिकारियों को दिया जाता था, एवं यह लोग अपने अपने छेत्रों मुग़ल सल्तनत के प्रतीक के रूप में जाने जाते थे. “खरीतादार” का मुख्य  अर्थ होता है आदेश को आगे भेजने वाला व्यक्ति. मुग़ल साम्राज्य के समय यह पदवी प्रचलन में आई थी एवं Kharitadar की प्रमुख जिम्मेदारी आदेशों को राजा के दरबार से लेकर आगे बढ़ाने की थी.

मुग़ल साम्राज्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप यहाँ पढ़ सकते हैं.

Kharitadar Kaun Tha का Conclusion या निष्कर्ष:

Kharitadar मध्यकालीन भारत के इतिहास की एक प्रमुख पदवी थी, यह कही ना कहीं मध्यकालीन भारत में मुग़ल राज्य के प्रबंधन को दर्शाता है, “खरीतादार” उस समय की महत्वपूर्ण कड़ी होते थे जिनका काम शासन एवं प्रजा के बीच समन्वय स्थापित करना होता था. kharitadar kaun tha प्रश्न का उत्तर इस पोस्ट को पढने के बाद आप भलीं भांति दे सकते हैं.

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